Sunday, 13 November 2016

एक दर्पण खुद को


आत्म दर्पण क्या है ? आत्मा दर्पण का सरल भाषा मे अर्थ है स्वयं  को आईन दिखाना है |
लेकिन अगर मैं काहू इसका अर्थ यही तक सीमित है तो यह तो एक मज़ाक की बात लगेगी लेकिन ऐसा नहीं है , आत्मा दर्पण का मतलब बहुत गहराई वाला है जिसे शायद मैं भी अभी अच्छे से नहीं समझ पाया हूँ | अबतक जो कुछ भी जिंदगी ने सिखाया उसे लिखने की कोशिस करता हूँ|
आत्म दर्पण के विषय पर आने से पहले हम ये जाने की खुद को दर्पण दिखाना जरूरी क्यों हैं ?
जिसप्रकार हम किसी दूसरे व्यक्ति को देख उसकी निंदा या प्राशनशा करते हैं और उसे कुछ कहते समय हम अपने बारे मे बिलकुल भूल जाते हैं इस लिए हमे भी दर्पण देखने की आवश्यकता है , ताकि हम खुद को देख कर अपनी निंदा या प्रशंसा खुद कर सके और यदि किसी और को कुछ कहे तो हमे अपनी मर्यादा ध्यान रहे |
यह आर्टिकल पढ़ते समय आप सोचीये आप पर एक कानूनी करवाही हो रही है आप मुलजिम हैं , आप ही वकील हैं ,आप ही गवाह और जाज़ हैं | आप जीवन के हर पहलू पर काही खुद को गलत काही सही पाएगे |
यदि मै पूछूं बचपन से लेकर आज तक आप ने क्या क्या किया ? उत्तर होगा कई अनगिनत कार्य किये |
पर जब मै यह पूछूं की क्या वे सभी सही थे | तो जादा तर लोग चुप्पी ही साधे रहेगे | क्यू की यहा कोई भी ऐसा नहीं है जो 100% सही हो | हम सभी का एक इतिहास है और चाह कर भी हम उससे दूर नहीं भाग सकते | मै स्वयं जो आप को इतने उपदेश दे रहा हूँ कोई भगवान नहीं हूँ , मै ने भी गलतिया की हैं , और शायद आप से जादे की हों या आप ने जितनी की है उनसे भी बड़ी लेकिन मुख्य बात यह नहीं है की आप ने कितनी गलतिया की , मुख्य यह है की आप ने उन गल्तियो को स्वीकार कर के कुछ सीखा या नहीं |
आज हम सभी अपनी अपनी मुसीबतों से लड़ रहें हैं ? किसी को नौकरी की मुश्किल, किसी को छोकरी की , किसी को पढ़ाई की , किसी को घर की , किसी को शादी की और किसी को नेट कनैक्शन की |
अब सब ध्यान से पढ़िएगा मै सभी मुसीबतों का हल बताने जा रहा हूँ |
हमारी जादा तर मुश्किले तो इस लिए उत्पन्न होती है की हम अपने आप को कुछ जादा ही योग्य मान लेते हैं जैसे कोई नौकरी करने गाय तो उसने सोच रखा हो मै २०००० वाली ही नौकरी करुगा लेकिन वह उसके योग्य नही है वह १५००० की नौकरी करने योग्य है तो होगा ये की वह अपनी कमी को नजर अंदाज कर के बस अंधा धुन मेहनत करता जाएगा और उसे कुछ नहीं मिलेगा सिवाय मुसीबतों के | यही बात हर जगह लागू  है हम अपनी काबलियत को वास्तविकता से कई अधिक माप लेते है और खुद ही मुसीबतों , बेचैनी ,और असंतोष को निमंत्रण दे कर कहते है बहुत मुश्किल जिंदगी है |
इन सभी समस्याओं का हल है खुद से सच बोलना जिस दिन आप ने खुद से सच बोला आप की आधी परेशनीय खुद ब खुद कम हो जाएगी |
सभी परेशानियों का हल है आत्मा दर्पण इस लीय हमे दूसरों को नहीं खुद को अपनी ही नजर से देखना है | एक आइना खुद को दिखाना है की हमारी वास्तविकता क्या है यह जानना है |
फिर मूलाकात होगी अगले ब्लॉग मे |

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